है आदत उस कि वो मेरे लिए ज़िद पर अड़ी होगी
हाँ छोटी बात भी उस के लिए हर पल बड़ी होगी
मैं क्या इक रोज़ गुज़रा हूँ गली से उस कि वो लड़की
उसे तुम देखना खिड़की पे वो अब तक खड़ी होगी
— Kamlesh Goyal
हाँ छोटी बात भी उस के लिए हर पल बड़ी होगी
मैं क्या इक रोज़ गुज़रा हूँ गली से उस कि वो लड़की
उसे तुम देखना खिड़की पे वो अब तक खड़ी होगी
Other ghazal from the same pen
Shers of gaon.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling