Top 20 Husn Shayari

Husn shayari beautifully captures the charm of beauty, grace, and elegance in words. Whether it's the noor of a face or the nazakat in someone's style, these verses express admiration in the most poetic way. Perfect for expressing feelings of attraction, appreciation, and timeless khoobsurti.

तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे — Ali Zaryoun
जिस की जानिब 'अदा' नज़र न उठी हाल उस का भी मेरे हाल सा था — Ada Jafarey
अपने दिल के ख़ून से वो गुल खिला देता हूँ मैं रेगज़ारों को गुलिस्ताँ की अदा देता हूँ मैं — Qaisar Sidddiqui
हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए — Khumar Barabankvi
हर हक़ीक़त है एक हुस्न 'हफ़ीज़' और हर हुस्न इक हक़ीक़त है — Hafeez Banarasi
शौक़ के हाथों ऐ दिल-ए-मुज़्तर क्या होना है क्या होगा इश्क़ तो रुस्वा हो ही चुका है हुस्न भी क्या रुस्वा होगा — Asrar Ul Haq Majaz
हसीन लड़कियाँ ख़ुश्बूएँ चाँदनी रातें और इन के बा'द भी ऐसी सड़ी हुई दुनिया — Ameer Imam
किसी की कट रही है बस ग़मों में किसी की ज़िंदगी कितनी हसीं है — Ananya Rai Parashar
हसीन इतना के सब हसीनों को पीछे छोड़े जहाँ भी जाए कमाल इतना के बे-वफ़ाई में उस सेे आगे कोई नहीं है — Aqib khan
लौट जाती है उधर को भी नज़र क्या कीजे अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे — Faiz Ahmad Faiz
हुस्न सब को ख़ुदा नहीं देता हर किसी की नज़र नहीं होती — Ibn E Insha
कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर — Ameer Minai
हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी — Jaun Elia
दर्द सहने का अलग अंदाज़ है जी रहे हैं हम अदा की ज़िंदगी — Farhat Abbas Shah
ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता मैं जब तक घर न लौटूँ मेरी माँ सज्दे में रहती है — Munawwar Rana
आज भी वो वो ही है और अदा भी वो ही है बे-वफ़ा भी वो ही है और ख़फ़ा भी वो ही है — Aatish Indori