हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 20
Kitab Shayari
बिछड़ गया हूँ मगर याद करता रहता हूँ
किताब छोड़ चुका हूँ पढ़ाई जारी है
Ali Zaryoun
20
Gift
Download Image
81 Likes
एक दिन मेरी ख़ामुशी ने मुझे
लफ़्ज़ की ओट से इशारा किया
Anjum Saleemi
19
Gift
Download Image
30 Likes
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को
काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
Adil Mansuri
18
Gift
Download Image
22 Likes
मुझे उस की हर अदाकारी, याद है
रूठना-मनाना हर किस्सा-कहानी, याद है
तस्वीरें फ़ोन से हटा दी है मैं ने मगर
उस का नंबर आज भी मुँह जबानी, याद है
Read Full
Yashvardhan Jain
17
Gift
Download Image
2 Likes
बात कर के देखिए तो बात क्यूँ करते नहीं
लब भले जल जाएँ हम लफ्ज़ से फिरते नहीं
दोस्ती में दुश्मनी हो दुश्मनी में दोस्ती
जब निभाना हो मुरव्वत हम कहीं करते नहीं
Read Full
Ali Mohammed Shaikh
16
Gift
Download Image
2 Likes
यही तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है मियाँ
किसी को इल्म नहीं कल यहाँ पे क्या होगा
Ramnath Shodharthi
15
Gift
Download Image
1 Like
अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है
दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है
Jaani Lakhnavi
14
Gift
Download Image
26 Likes
न ला लफ्ज़-ए-मोहब्बत तू लबों पर
मोहब्बत लफ्ज़ से नफ़रत है मुझ को
Shajar Abbas
13
Gift
Download Image
0 Likes
आओगी नहीं तुम मुझे ये इल्म था लेकिन
रो-रो के पुकारा तुम्हें तन्हाई में मैं ने
Dipendra Singh 'Raaz'
12
Gift
Download Image
1 Like
तेरी फ़ितरत का मुझ को इल्म है सो
तेरे तोहफ़े अभी खोले नहीं है
Dipendra Singh 'Raaz'
11
Gift
Download Image
3 Likes
रूदाद-ए-मुहब्बत गर जो लफ़्ज़ बयाँ कर दें
अहसास तुम्हें हो क्यूँ मैं दफ़्न रिसालों में
Priya omar
10
Gift
Download Image
6 Likes
उस ने हमारे चेहरे पे रक्खा यूँ अपना हाथ
जैसे कोई किताब पे इक ऑटोग्राफ़ दे
Shivam chaubey
9
Gift
Download Image
3 Likes
यार तुम ने अचानक नहीं छोड़ा था
इल्म था तुम को सब अब समझ आता है
तय अकेला भी हो सकता था ये सफ़र
तुम नहीं जब यहाँ तब समझ आता है
Read Full
Ashish Kumar Tiwari
8
Gift
Download Image
2 Likes
तुझे कैसे इल्म न हो सका बड़ी दूर तक ये ख़बर गई
तिरे शहर ही की ये शाएरा तिरे इंतिज़ार में मर गई
Mumtaz Naseem
7
Gift
Download Image
72 Likes
रदीफ़ो-क़ाफ़िया-ओ-बह'र का भी इल्म है लाज़िम
फ़क़त दिल टूट जाने से कोई शाइ'र नहीं बनता
Avtar Singh Jasser
6
Gift
Download Image
6 Likes
दुनिया भर की राम-कहानी किस किस ढंग से कह डाली
अपनी कहने जब बैठे तो एक एक लफ़्ज़ पिघलता था
Khalilur Rahman Azmi
5
Gift
Download Image
31 Likes
आदमिय्यत और शय है इल्म है कुछ और शय
कितना तोते को पढ़ाया पर वो हैवाँ ही रहा
Sheikh Ibrahim Zauq
4
Gift
Download Image
26 Likes
जाहिलों के साथ तू ने उम्र सारी काट दी
एक बार बात मान कर उठा किताब अब
Amaan Pathan
3
Gift
Download Image
13 Likes
न जाने शे'र में किस दर्द का हवाला था
कि जो भी लफ़्ज़ था वो दिल दुखाने वाला था
Saleem Ahmad
2
Gift
Download Image
10 Likes
अब समझ लेते हैं मीठे लफ़्ज़ की कड़वाहटें
हो गया है ज़िंदगी का तजरबा थोड़ा बहुत
Manzar Bhopali
1
Gift
Download Image
17 Likes
Life Shayari
Kahani Shayari
Ilm Shayari
Zindagi Shayari Collection
Khamoshi Shayari