होली पे आप गाना सरगोशियाँ बजाना
पिचकारियां चलाना और रंग भी लगाना
इंट्रस्ट हो किसी में तो साफ़ साफ़ कहना
उँगली फिराना बालों में हो गया पुराना
पेड़ों को खूब भाता है खेलना हवा से
लगता नहीं है अच्छा पर पत्तियाँ गिराना
कमरे में बंद कर लेना ख़ुद को और उस को
ताला तो खो गया है कह के चाबियाँ दिखाना
ये शे'र मेरा है तुम इस पे न दाद देना
पर जब सुनाऊँ चोरी का तालियाँ बजाना
— Abuzar kamaal















