देखिए ये क्या नज़ारा हो गया
दिल हमारा दिल तुम्हारा हो गया
मिलने जब वो आ गए तो तुम चले
पर अकेला फिर किनारा हो गया
तुम तो कितने दूर मुझ से हो गए
चाँद मेरा आज तारा हो गया
तू नहीं पर जो बिताया वो समय
ज़िंदगी भर का सहारा हो गया
अब नहीं तोयेश कुछ भी चाहिए
ठोकरें खा कर गुज़ारा हो गया
— Toyesh prakash















