आप क्या जानें मोहब्बत का तमाशा क्या है

शो'ला-ए-इश्क़ किसे कहते हैं सौदा क्या है

कोई ख़ुश है कोई ना-ख़ुश कोई शाकी तुझ से
कौन जाने कि तिरी बज़्म का क़िस्सा क्या है

साग़र-ए-महर-ओ-वफ़ा दौर में था सुब्ह-ओ-मसा
जाने अब मज्लिस-ए-अहबाब का नक़्शा क्या है

इल्म-ए-तक़दीर पे मौक़ूफ़ नहीं मेरा अमल
कौन जाने मिरी तक़दीर का लिक्खा क्या है

जिस के इमरोज़ में बाक़ी न रहे रूह-ए-हयात
साफ़ ज़ाहिर है कि उस क़ौम का फ़र्दा क्या है

जगमगाते ये सितारे ये फ़लक के खे़
में
'तू' ने पर्दे तो ये देखे पस-ए-पर्दा क्या है

कारसाज़ी पे ख़ुदा की है भरोसा वर्ना
मैं अगर जान लड़ाऊँ भी तो होता क्या है

सर हथेली पे लिए फिरते हैं जो लोग 'उरूज'
उन से पूछो कि मोहब्बत का तरीक़ा क्या है

— Urooj Qadri

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