उनकेफ़िराक़नेमुझेअच्छासिलादिया
जोदिखनहींरहाथावोसबकुछदिखादिया
पहलेलगीनसीम-ए-सहरमुज़्दा-ए-विसाल
इसझोंकेनेफिरआँखोंसेदरियाबहादिया
इकख़्वाबमुश्किलातमेंहोताहैसाथसाथ
इकख़्वाबनेहयातकाहरग़मभुलादिया
मैंसोचतारहाकिकरूँँकैसेलब-कुशाई
अश्कोंनेतर्जुमानीकीदुखड़ासुनादिया
कुछऔरहीनज़ाराथाशहर-ए-हुज़ूरका
जोअक्सथादिमाग़मेंयकसरमिटादिया
जबबननहींरहीथीकोईतैबाकीसबील
काग़ज़क़लमउठायातोरस्ताबनादिया