आलम'जीवनखेल-तमाशादानाईनादानीहै
तबतकज़िंदारहतेहैंहमजबतकइकहैरानीहै
आगहवाऔरमिट्टीपानीमिलकरकैसेरहतेहैं
देखकेख़ुदकोहैराँहूँमैंजैसेख़्वाबकहानीहै
आवाज़ोंकाजंगलभीहैसन्नाटोंकासहराभी
एकतरफ़आबादीमुझमेंएकतरफ़वीरानीहै
इसमंज़रकोआख़िरक्यूँँमैंपहरोंतकतारहताहूँ
ऊपरसाकितचट्टानेंहैंतहमेंबहतापानीहै
मेरेबच्चोइसख़ित्तेमेंप्यारकीगंगाबहतीथी
देखोइसतस्वीरकोदेखोयेतस्वीरपुरानीहै
'आलम'मुझकोबीमारीहैनींदमेंचलतेरहनेकी
रातोंमेंभीकबरुकताहैमुझमेंजोसैलानीहै