tu khila hua koi phool tha main giraa hua koi khaar tha | तू खिला हुआ कोई फूल था मैं गिरा हुआ कोई ख़ार था

  - Nazar Dwivedi
तूखिलाहुआकोईफूलथामैंगिराहुआकोईख़ारथा
तुझेरौशनीकीतलाशथीमुझेतीरगीसेहीप्यारथा
मेरीज़िन्दगीकीकहानियाँलिखीगईंपढ़ीगईं
लबोंपेमेरेथेतज़किरेहक़ीक़तोंमेंशुमारथा
रहीउम्रभरवोमेरीमगरहुआकभीमैंहयातका
मुझेज़िन्दगीयूँँनिभागईमेराउसकाकोईउधारथा
तोआशिक़ीकीख़बररहीमुहब्बतोंकापतारहा
लोउतरगयाज़रादेरमेंवोनशाजोसरपेसवारथा
जोयक़ीनथावोचलागयाजोग़ुरूरथावोउतरगया
जिसेदोस्तीमैंसमझलियावोतोअनलिखासाक़रारथा
मुझेदोस्तोंनेदग़ादियामुझेदुश्मनोंसेगिलानहीं
मैंक़दमक़दमपेछलागयाहुआदोस्तीकाशिकारथा
तोसर्दियाँहीगर्मियाँहीगुलखिलेख़िज़ाँमिली
बहारेंहीउसेमिलसकींजिसेइंतज़ार-ए-बहारथा
येगुनाहमुझसेेतोहोगयासमझसकामैंजहानको
जिसेप्यारथामैंसमझलियावोतोमौसमीहीबुख़ारथा
जिसेरातदिनरहापूजताजिसेयादकरकिएरतजगे
मेरीज़िन्दगीवोकभीथावोतोऔरपरहीनिसारथा
मुसीबतोंमेंकमीरहीज़रूरतोंनेदींफ़ुर्सतें
जिसेयादबसवोख़ुदारहावही*कोह-ए-ग़मकेभीपारथा
तूमिला'नज़र'कोतोक्यामिलातूचलागयातोभीक्यागया
तोमेरेकोईउसूलथेतोतेराकोईवक़ारथा
  - Nazar Dwivedi
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