अपनेमुहाफ़िज़ोंसेहिरासाँहैज़िंदगी
इसज़िंदगीकेहालपेहैराँहैज़िंदगी
यूँँरूनुमाहुएमिरेहालातमेंतज़ाद
गुलशनकभीथीआजबयाबाँहैज़िंदगी
उसशख़्सकाभीआजमुक़द्दरसँवरगया
लिखाथाजिसकेदरपेपरेशाँहैज़िंदगी
घरबैठनेसेमिलनसकेगाकोईसुराग़
अज़्म-ओ-अमलकीराहमेंपिन्हाँहैज़िंदगी
क्यूँज़िंदगीकीमुझकोदु'आदेरहेहैंआप
मेरेलिएतोमौतकासामाँहैज़िंदगी
दो-चारदिनमेंग़मसेमिलेगीहमेंनजात
दो-चारदिनकीऔरयेमेहमाँहैज़िंदगी
'ए'जाज़'कोईपूछनेवालानहींयहाँ
उर्दूकीतरहबे-सर-ओ-सामाँहैज़िंदगी