us ko bhule bina koi chaara nahin vo hamaara nahin | उस को भूले बिना कोई चारा नहीं वो हमारा नहीं इश्क़ इक बार है ये दोबारा नहीं वो हमारा नहीं

  - Fakhira batool
उसकोभूलेबिनाकोईचारानहींवोहमारानहींइश्क़इकबारहैयेदोबारानहींवोहमारानहीं
कोईफूलोंसेख़ुश्बूकोकेचुनेकोईगजरेबुने
येमोहब्बतहैइसमेंख़सारानहींवोहमारानहीं
नींदआँखोंहीआँखोंमेंकटतीगईपौभीफटतीगई
यादकरतेरहेपरपुकारानहींवोहमारानहीं
कोईशिकवानहींआशनाईनहींजग-हँसाईनहीं
बसहमेंउससेमिलनागवारानहींवोहमारानहीं
हमतोकहतेहैंवोभीजलेआगमेंदर्दकेरागमें
कोईतश्बीहइस्तिआ'रानहींवोहमारानहीं
इश्क़नाशादहैइश्क़बर्बादहैइश्क़फ़रियादहै
इससमुंदरकाकोईकिनारानहींवोहमारानहीं
चाँदसूरजसितारेवहीआसमाँकुछनहींदरमियाँ
कोईशिकवाशिकायतइशारानहींवोहमारानहीं
बीतीयादोंकोदिलसेभुलानापड़ालौटजानापड़ा
अपनाइसशहरमेंअबगुज़ारानहींवोहमारानहीं
येकहानीहमारीतुम्हारीभीहैआह-ओ-ज़ारीभीहै
कोईजीतानहींकोईहारानहींवोहमारानहीं
  - Fakhira batool
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Shikwa Shayari

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