थाउनकीतरहमैंभीआग़ाज़मेंसौदाई
बढ़नेदोजुनूँयाराँआजाएगीदानाई
फिरदिलकातक़ाज़ाहैउसशोख़सेकुछकहिए
फिरकोह-ए-तमन्नापरइकबर्क़सीलहराई
आईन-ए-ज़बाँ-बंदीजिसअहदमेंनाफ़िज़हो
इसअहदमेंख़ामोशीहोजाएहैगोयाई
जबआगलगीघरमेंथाकौनबुझानेको
अबतकतोमिलाहमकोहरशख़्सतमाशाई
हुश्यारीमेंग़फ़लतसीग़फ़लतमेंभीहुश्यारी
हैतेरेक़लंदरमेंइकशान-ए-शकेबाई
ख़ामोशखड़ाथामैंसबक़त्लकेदरपयथे
जबग़ौरसेदेखातोउनमेंथामिराभाई
दिन-भरतोशिकारेमेंघू
मेंहैंजनाब-ए-शैख़
कहतेहैंधराक्याहैहर-सम्तब-जुज़काई