ग़म-ए-गुनाहसेफ़िक्र-नजातसेउलझे
तमामउम्रहमअफ़्सून-ए-ज़ातसेउलझे
तवहहुमातसेइकजंगथीजोजारीरही
सहाब-ए-मर्गनअब्र-ए-हयातसेउलझे
नफ़सनफ़सपेनिगाहेंतिरीबदलतीरहीं
क़दमक़दमपेनएहादसातसेउलझे
तुझेजोमानलियाहमनेबसवोमानलिया
ज़बाँसिफ़तपेनखोलीनज़ातसेउलझे
कभीख़िरदसेनिपटनापड़ाकभीदिलसे
तग़य्युरातसेउलझेसबातसेउलझे
बहुतसतायागुज़िश्तादिनोंकीयादोंने
यहीनहींकिनएवाक़िआ''तसेउलझे
तज़ादलाखरहाफिरभीज़िंदगीकेलिए
ग़म-ए-अनासेग़म-ए-काएनातसेउलझे
हमइसज़मानेमेंकिसकोसुनाएँकौनसुने
दिल-ओ-निगाहकीजिनवारदातसेउलझे
बिसात-ए-ज़ीस्तसजाईतिरीख़ुशीकेलिए
नजीतसेकभीउलझेनमातसेउलझे
हमींनेतेरीनिगाह-ए-ग़ज़बकोझेलाहै
हमींतिरीनिगह-ए-इल्तिफ़ातसेउलझे