वाँनक़ाबउट्ठीकिसुब्ह-ए-हश्रकामंज़रखुला
याकिसीकेहुस्न-ए-आलम-ताबकादफ़्तरखुला
ग़ैबसेपिछलेपहरआतीहैकानोंमेंसदा
उट्ठोउट्ठोरहमत-ए-रब्ब-ए-उलाकादरखुला
आँखझपकीथीतसव्वुरबंधचुकाथायारका
चौंकतेहीहसरत-ए-दीदारकादफ़्तरखुला
कू-ए-जानाँकासमाँआँखोंकेआगेफिरगया
सुब्ह-ए-जन्नतकाजोअपनेसामनेमंज़रखुला
रंगबदलाफिरहवाकामय-कशोंकेदिनफिरे
फिरचलीबाद-ए-सबाफिरमय-कदेकादरखुला
आरहीहैसाफ़बू़-ए-सुंबुल-ए-बाग़-ए-जिनाँ
गेसु-ए-महबूबशायदमेरीमय्यतपरखुला
चार-दीवार-ए-अनासिरफाँदकरपहुँचेकहाँ
आजअपनाज़ोर-ए-वहशतअर्श-ए-आज़मपरखुला
चुपलगीमुझकोगुनाह-ए-इश्क़साबितहोगया
रंगचेहरेकाउड़ाराज़-ए-दिल-ए-मुज़्तरखुला
अश्क-ए-ख़ूँसेज़र्दचेहरेपरहैक्यातुर्फ़ाबहार
देखिएरंग-ए-जुनूँकैसामिरेमुँहपरखुला
ख़ंजर-ए-क़ातिलसेजन्नतकीहवाआनेलगी
औरबहार-ए-ज़ख़्मसेफ़िरदौसकामंज़रखुला
नीम-जाँछोड़ातिरीतलवारनेअच्छाकिया
एड़ियाँबिस्मिलनेरगड़ींसब्रकाजौहरखुला
सोहबत-ए-वाइज़मेंभीअंगड़ाइयाँआनेलगीं
राज़अपनीमय-कशीकाक्याकहेंक्यूँँकरखुला
हाथउलझाहैगरेबाँमेंतोघबराओन'यास'
बेड़ियाँक्यूँँकरकटींज़िंदाँकादरक्यूँँकरखुला