किसी भी बात का शिकवा नहीं है
हमारे बीच क्या झगड़ा नहीं है
हमें इक चेहरे की आदत हो जाए
किसी को इतना भी चाहा नहीं है
उदासी के सबब वादे रहे हैं
उदासी का सबब धोखा नहीं है
हमारी ज़ात का ही मसअला है
हमारा मसअला झगड़ा नहीं है
किसी ने जितनी उम्मीदें रखी हैं
हमारे पास तो उतना नहीं है
चलो फिर से अकेले ही चलेंगे
किसी ने साथ तो आना नहीं है
— Ajay Kumar















