सूरज डूबा निकला चाँद
छत पर आया मेरा चाँद
ईद का सब ने देखा चाँद
हम ने देखा अपना चाँद
दीवाने बे-ताब हुए
जब पर्दे से झाँका चाँद
उस का दुश्मन कोई नहीं
सब के लिए है प्यारा चाँद
अहद-ए-जवानी में अक्सर
होता है शर्मीला चाँद
देखते ही उस का चेहरा
बादल में छुप जाता चाँद
आप के आँगन में 'अह्मर'
पिछली शब क्यूँ आया चाँद
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