कहा था नाँ
मोहब्बत ख़ाक कर देगी
जला कर राख कर देगी
कहीं भी तुम चले जाओ
किसी के भी बनो तुम जिस किसी को चाहे अपनाओ
हमारी याद से पीछा छुड़ाना
इस क़दर आसाँ नहीं जानाँ
कहा था नाँ
मोहब्बत ख़ाक कर देगी
जला कर राख कर देगी
— Fakhira batool
मोहब्बत ख़ाक कर देगी
जला कर राख कर देगी
कहीं भी तुम चले जाओ
किसी के भी बनो तुम जिस किसी को चाहे अपनाओ
हमारी याद से पीछा छुड़ाना
इस क़दर आसाँ नहीं जानाँ
कहा था नाँ
मोहब्बत ख़ाक कर देगी
जला कर राख कर देगी
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