नहींयेबातकिपरवाज़काइरादानहीं
फ़ज़ा-ए-गुलशन-ए-हस्तीमगरकुशादानहीं
मिज़ाज-ए-इश्क़तोअपनाहैए'तिदाल-पसंद
यहीरविशहैकभीकमनहींज़ियादानहीं
ख़िज़ाँमेंभीमिरानश्शाउतरनहींसकता
कियेहैजोश-ए-जुनूँकोईजोश-ए-बादानहीं
शुऊर-ओ-फ़िक्रमेंआज़ादहैमिज़ाजमिरा
मिरेबदनपेकिसीऔरकालबादानहीं
निगाहचाहिएतहरीरहोख़फ़ीकीजली
किताब-ए-ज़ीस्तकाकोईवरक़भीसादानहीं
रह-ए-हयातमेंदानिस्तामिस्ल-ए-शम्अ'जले
हमारीज़ातकाईसारबे-इरादानहीं
नज़ाद-ए-राहकीख़्वाहिशनराहबरकीतलब
हमारेवास्तेदुश्वारकोईजादानहीं
पड़ाजोवक़्ततोग़ैरोंनेमेरासाथदिया
मिरेशरीकमिरेअहल-ए-ख़ान
वा'दानहीं
बिसात-ए-दहरपेक्याचालकामयाबचले
तिरीनज़रमेंअगरअज़्मत-ए-पियादानहीं
जहाँमेंमिलनेकोमिलतेहैंयूँँतोसबसे'लैस'
मगरकिसीसेभीमक़्सूदइस्तिफ़ादानहीं