मैं बताता हूँ कि आख़िर मौत क्या है
दूसरी दुनिया को खुलता रास्ता है
बस उदासी बस उदासी और उदासी
और क़िस्मत में हमारी क्या लिखा है
ख़ुश रहें हम ये दुआ है आप की क्या
बस यही बिल्कुल हमारी भी दुआ है
ज़िन्दगी से मौत तक का फ़ासला है
कुछ नहीं अंजान सा इक हादसा है
जिस ख़ुदा के नाम पर सब लड़ रहे हैं
जाने कब से वो ख़ुदा ख़ुद लापता है
तुम को वो पढ़ना पड़ेगा जोकि 'संजय'
कागज़ों पर बीते लोगों ने लिखा है
— Sanjay shajar















