ख़ूबाँजोपहनतेहैंनिपटतंगचोलियाँ
उनकीसजोंकोदेखमरेंक्यूँँनलोलियाँ
होंटोंमेंजमरहीहैतिरेआजक्यूँँधरी
भेजीथींकिसनेरातकोपानोंकीढोलियाँ
जिसदिनसेअँखड़ियाँतिरीउसकोनज़रपड़ीं
बादामनेख़जिलहोफिरआँखेंनखोलियाँ
तारेनहींफ़लकपेतुम्हारेनिसारको
लायाहैमोतियोंसेयेभरभरकेझोलियाँ
सुम्बुलकोपेच-ओ-ताबअजबतरहकीहुई
ज़ुल्फ़ेंजबउननेजाकेगुलिस्ताँमेंखोलियाँ
गुलशनमेंबहसनेकोतुम्हारेदहनकेसाथ
खोलाथामुँहकोकलियोंनेपरकुछनबोलियाँ
ताबाँक़फ़समेंआजहैंवेबुलबुलेंख़मोश
करतीथींकलजोबाग़मेंगुलसेकिलोलियाँ