अपने पुरखों की रीत से मिलिए
जब कभी मिलिए प्रीत से मिलिए
हाल पे मेरी तंज़ करते हुए
आप अपने अतीत से मिलिए
हार जाने पे आप रो देंगे
आइए आप जीत से मिलिए
वस्ल कितना ज़रूरी है तारिक
इश्क़ करिए तो मीत से मिलिए
— Tarique Jamal
जब कभी मिलिए प्रीत से मिलिए
हाल पे मेरी तंज़ करते हुए
आप अपने अतीत से मिलिए
हार जाने पे आप रो देंगे
आइए आप जीत से मिलिए
वस्ल कितना ज़रूरी है तारिक
इश्क़ करिए तो मीत से मिलिए
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