Alok Mishra

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@alok-mishra

Alok Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Alok Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
Alok Mishra
जाने किस बात से दुखा है बहुत
दिल कई रोज़ से ख़फ़ा है बहुत

सब सितारे दिलासा देते हैं
चाँद रातों को चीख़ता है बहुत

फिर वही रात मुझ में ठहरी है
फिर समा'अत में शोर सा है बहुत

तुम ज़माने की बात करते हो
मेरा मुझ से भी फ़ासला है बहुत

उस की दुखती नसें न फट जाएँ
दिल मुसलसल ये सोचता है बहुत

वास्ता कुछ ज़रूर है तुम से
तुम को वो शख़्स पूछता है बहुत

तुम से बिछड़ा तो टूट जाएगा
उस की आँखों में हौसला है बहुत

चख के देखो इसे कभी तुम भी
इस उदासी में ज़ाइक़ा है बहुत

इन की साँसें गिनी-चुनी हैं बस
ख़ून लम्हों का बह गया है बहुत

दश्त को कर लिया था घर मैं ने
अब मुझे घर ये काटता है बहुत

इस से बाहर निकल न पाओगे
दश्त माज़ी का ये घना है बहुत

मेरा सुख दुख समझती हैं ग़ज़लें
ज़िंदगी को ये आसरा है बहुत
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Alok Mishra

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