main ab mahfooz kuchh rakha nahin karta | मैं अब महफ़ूज़ कुछ रक्खा नहीं करता

  - Ayush Aavart
मैंअबमहफ़ूज़कुछरक्खानहींकरता
समझलोपहलेकेजैसानहींकरता
वहीसफ़हैकिजिस
मेंरोज़मरतेहैं
ख़ुदातूक्यूँइसेछोटानहींकरता
तुक्यूँँहैरानहैइतनाकहातोथा
मैंकुछभीवैसेकावैसानहींकरता
किसीकाक़त्लकरदूँक्यातेरेग़ममें
जीअबख़ामोशजीनेकानहींकरता
बदलदेंगेतुम्हारीशक्लकापैकर
मनाओशुक्रअभीपर्वानहींकरता
तुसचकहताहैमैंसिगरेटपीताहूँ
नशामैंबा'दतेरेक्यानहींकरता
सभीकितनेबड़ेहैंहोगएदेखो
शरारतअबकोईबच्चानहींकरता
मेरीजादूगरीकोमुंतज़िरहैंसब
समुंदरकोमैंअबक़तरानहींकरता
उन्हेंनज़रेंमिलानेतोदोफिरकहना
कोईभीहोमैंशर्मायानहींकरता
तुम्हारेसाथजीनाऔरमरनाहै
मैंऐसाकोईभीदावानहींकरता
सहीहोताअगरमरजातामैंचुपचाप
ग़ज़लकहख़ुदकोफिरज़िंदानहींकरता
मुहब्बतकरनेवालाआमलड़काहूँ
मेरादिलजोनहींकरतानहींकरता
  - Ayush Aavart
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy

Relationship Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ayush Aavart

As you were reading Shayari by Ayush Aavart

Similar Writers

our suggestion based on Ayush Aavart

Similar Moods

As you were reading Relationship Shayari Shayari