मेरा दिल उस को इतना भा गया है
बिना पैसे दिए रहने लगा है
इधर रक्खा है उस की गोद में सर
उधर ख़्वाबों का लश्कर आ गया है
ये माना उस का दिल हीरा है लेकिन
है कैसा जिस्म ये भी देखना है
मुझे खाने में मीठा चाहिए था
सो उसने होंठ पर बोसा दिया है
नहीं, तुम भी बहुत अच्छी हो लेकिन
किसी ने मुझ पे कब्ज़ा कर रखा है
वही इक शख़्स था दुनिया में मेरा
वही दुनिया से मेरी जा रहा है
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