वरक़हैमेरेसहीफ़ेकाआसमाँक्याहै
रहायेचाँदतोशायदतुम्हाराचेहराहै
जोपूछताथामिरीउम्रउससेकहदेना
किसीकेप्यारकेमौसमकाएकझोंकाहै
सिमटगयाथाअँधेरोंकोदेखकरलेकिन
सहरकेसाथमिरेरास्तेमेंबिखराहै
जिसेबचातारहाथामैंआबरूकीतरह
वोलम्हाआजमिरीमुट्ठियोंसेफिसलाहै
फ़ज़ाकीशाख़पेलफ़्ज़ोंकेफूलखिलनेदो
जिसेसुकूतसमझतेहोज़र्दपत्ताहै
अभीतोमेरेगरेबाँमेंहैतिरीख़ुशबू
तिरेबदनपेअभीमेरानामलिक्खाहै
हरएकशख़्सकोउम्मीदबसउसीसेहै
हमारेशहरमेंवोएकहीतोरुस्वाहै