ज़ुहूर-ए-पैकरीसहरामेंहैसिर्फ़इकनिशाँमेरा
ग़ुबार-ए-कारवाँहूँदूरनिकलाकारवाँमेरा
रसाईमर्ग-ए-शौक़-उफ़्तादगीनंग-ए-तन-आसानी
बलाकीकशमकशहैऔरग़ुबार-ए-ना-तावाँमेरा
मुझेघबराकेदोश-ए-हस्ती-ए-जावेदपरफेंका
कोईदमभीनउट्ठामौतसेबार-ए-गिराँमेरा
मिरेसाज़-ए-नफ़सकीख़ामुशीपररूहकहतीहै
नआईमुझकोनींदऔरसोगयाअफ़्साना-ख़्वाँमेरा
ख़राबीख़ंदा-ज़नहैकोशिश-ए-तामीरपरमेरी
क़फ़सकोतोड़ताजाताहैशौक़-ए-आशियाँमेरा