मनाज़िर-ए-शब-ए-रफ़्ताख़याल-ओ-ख़्वाबहुए
वोअश्कथेकिसितारेसभीख़राबहुए
वोना-ख़ुदाकिख़ुदाईकाजिनकोदा'वाथा
सफ़ीनेउनकीहिमाक़तसेज़ेर-ए-आबहुए
हमअहल-ए-दर्दज़मानेकेहाथक्याआते
किहमतोअपनेलिएभीनदस्तियाबहुए
तलाश-ए-जाम-ए-तरबमेंकहाँकहाँनगए
पिएबग़ैरभीहमतोबहुतख़राबहुए
हमउनकेऐबकोक्याऔरक्यूँँअयाँकरते
जोबे-ज़मीरथेवोख़ुदहीबे-नक़ाबहुए
फ़रेबहीसेनवाज़ाहैउनरफ़ीक़ोंने
मिरीजनाबमेंआकरजोबारयाबहुए
तमामउम्रमज़ाक़-ए-जुनूँजोरखतेथे
रह-ए-ख़िरदमेंवहीलोगकामयाबहुए
हमारासब्रहैबे-इंतिहातोहैरतक्या
कि'लैस'हमपेसितमभीतोबे-हिसाबहुए