नहींहोंगीकभीफिरआबदीदा
करूँँगीवसवसोंकोसर-बुरीदा
मुख़ालिफ़हैंपस-ए-दीवारमेरे
सर-ए-महफ़िलजोपढ़तेहैंक़सीदा
उठाऊँगीहज़ारोंबोझतन्हा
भलेहालातजितनेहोंकशीदा
मसाइबसेहुईहैजाँ-ख़लासी
मगरयेदिलहैक्यूँइतनाकबीदा
चलोअबअलविदा'अकहतेहैंतुमको
अमलयेहैअगरचेजाँ-गज़ीदा
सुकूँदूँगीमैंतेरेज़ेहन-ओ-दिलको
सुनाकरअपनीग़ज़लेंचीदाचीदा
ज़मानेभरकीने'मतउसनेपाई
मिलेहैंजिसकोऔसाफ़-ए-हमीदा
रफ़ू-गरढूँडलाएकोई'उश्बा'
लिएफिरतेहैंहमदामन-दरीदा