Amardeep Singh

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@amardeep-singh

Amardeep Singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Amardeep Singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
अबगुमाँहैयक़ींकुछभीनहींकुछभीनहीं
आसमाँकुछभीनहींऔरज़मींकुछभीनहीं
मिटगयादिलसेअक़ीदतकाभरमया'नीअब
उसकादरकुछभीनहींअपनीजबींकुछभीनहीं
क्यूँयक-रंगी-ए-हालातसेजीउकताए
अबकोईबज़्म-ए-तरबदौर-ए-हज़ींकुछभीनहीं
अबतोहरहुस्न-ओ-नज़ररंग-ओ-महकसाज़-ओ-सुख़न
लाखअच्छेहोंमगरख़ुदसेहसींकुछभीनहीं
जानेकिसतौरहैतक़्सीम-ए-करमअल्लाहका
हैकहींकितनाहीकुछऔरकहींकुछभीनहीं
आसबँधतीहैज़रादेरउसेतकनेमें
कौनकहताहैसर-ए-अर्श-ए-बरींकुछभीनहीं
हीजाएँगेतह-ए-दाम-ए-अजलसबइकदिन
होभलेतख़्त-नशींख़ाक-नशींकुछभीनहीं
कितनापुर-शोरथाअन्फ़ासकाबहतादरिया
क्यूँयेकहताहैदम-ए-बाज़-पसींकुछभीनहीं
मिटगयाजिस्महुईरूहभीरुख़्सतकबकी
अबयहाँकोईमकाँहैमकींकुछभीनहीं
ख़ुदसेकिसतौरसहेशख़्सवोदूरीअपनी
हैब-जुज़अपने'अमर'जिसकेक़रींकुछभीनहीं
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Amardeep Singh
गएगुज़रेदिनोंकीयादकानश्शाअभीतकहै
मेरेपैमाना-ए-दिलमेंकोईसहबाअभीतकहै
छलकपड़तेहैंआँसूआँखसेइकमोड़मुड़तेही
पुरानेघरकीगलियोंसेमिरारिश्ताअभीतकहै
कू-ए-यारतूशायदउसेअबभूलबैठीहो
मगरतेरेसबबसेशख़्सइकरुस्वाअभीतकहै
तसव्वुरहीकीदुनियाथीख़यालोंहीमेंरहतेथे
यक़ींसेकमनहींथाजोवहीधोकाअभीतकहै
इन्हीआँखोंसेगुज़राहैवोहरमंज़रजोकहतीहैं
सरासरवहमथावोसबकेजोदेखाअभीतकहै
येघरउसशख़्सकीमेहनतकोअबतकख़र्चकरताहै
जोसालोंपहलेमरकरभीकहींज़िंदाअभीतकहै
मसाइलकुछभीहोंलेकिनमुझेकबफ़िक्रथीकोई
थेवोभीदिनमैंकहताथामिराअब्बाअभीतकहै
मोहब्बतकीभलाइससेबड़ीतस्दीक़क्याहोगी
मुसलमानोंकीबस्तीमेंजोमंदिरथाअभीतकहै
बुराकहतीहैगरदुनियाहमेंतोमसअलाक्याहै
हमेंतोफ़िक्रहैउसकीकिजोअच्छाअभीतकहै
हुजूम-ए-दोस्ताँहरसूहैलेकिनबावजूदइसके
'अमर'क्याबातहैआख़िरजोतूतन्हाअभीतकहै
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Amardeep Singh
तुम्हारीयादसेनिकलीउदासी
मुझेतस्लीमहैऐसीउदासी
मिलनवोआख़िरीभूलाअपना
उसकेबा'दकीपहलीउदासी
समुंदरसेभीगहरादिलहमारा
हमारेदिलसेभीगहरीउदासी
बहुतसेपैरहनबदलेहैंदिलने
मगरआख़िरकोफिरपहनीउदासी
किसीनेअपनेअंदरजज़्बकरली
किसीनेचेहरेतकरक्खीउदासी
किसीकेलबपेहैमुस्कानझूटी
किसीकीशक्लपरफ़र्ज़ीउदासी
कोईहर्फ़-ए-सुख़नतकलेगयाहै
किसीनेसाज़परगाईउदासी
किसीतख़्लीक़मेंढलजाएजबतू
हरइकपहलूसेहैअच्छीउदासी
अभीशोर-ए-तरबथमजाएगाजब
हमारेक़ल्बसेगूँजीउदासी
ज़रासीदेरख़ुशियोंकीफ़ज़ाएँ
फिरइसकेबा'दइकलंबीउदासी
ख़ुदअपनेआपतकसिमटेहुओंकी
बड़ीहीदूरतकफैलीउदासी
उदासइसबारमैंयेसोचकरहूँ
तिरेहोतेहुएकैसीउदासी
उदासीनेभीआख़िरतंगकर
येमुझसेकहदियाइतनीउदासी
'अमर'हद्द-ए-नज़रतकदेखताहूँ
मैंतुझमेंबसउदासीहीउदासी
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