तुम्हारी आँख आँसू से भर आई है मुबारक हो
तुम्हें तो यार रोने की रिहाई है मुबारक हो
मुझे हासिल नहीं है इक नज़र तक देखना जिस का
उसे तो यार तुम से आशनाई है मुबारक हो
हमेशा तुम समझते थे कि तुम को मैं भुला दूँगा
न घबराओ तुम्हारी याद आई है मुबारक हो
बिछड़ते वक़्त तुम ने कुछ बताया था मुझे शायद
तुम्हारी आज वो उस से सगाई है मुबारक हो
— Azhan 'Aajiz'















