vo jo phool the tiri yaad ke tah-e-dast-e-khaar chale ga.e | वो जो फूल थे तिरी याद के तह-ए-दस्त-ए-ख़ार चले गए

  - Ajay Sahaab
वोजोफूलथेतिरीयादकेतह-ए-दस्त-ए-ख़ारचलेगए
तिरेशहरमेंभीसुकूनहैतिरेबे-क़रारचलेगए
वोअश्कअबवोआबलेवोचीख़तीहुईधड़कनें
मिरीज़ातसेतिरेदर्दकेसभीइश्तिहारचलेगए
वोयादहैवोहिज्रहैनिगाह-ए-नाज़काज़िक्रहै
मिरेज़ेहनसेतिरीफ़िक्रकेसभीरोज़गारचलेगए
थेवोफ़ितरतनहीशहीद-ख़ूउन्हेंक़ातिलोंसेभीप्यारथा
कभीमक़्तलोंमेंकटेथेवोकभीसू-ए-दारचलेगए
बदनबचालहूबचातोजिस्मकाकोईमूबचा
कोईजाकेकहदेयेदर्दसेवोतिरेशिकारचलेगए
यूँँअबसकिसीकोसदादोदिल-ए-ज़ारकोयेबताभीदो
कभीअबआएँगेलौटकरवोजोएकबारचलेगए
उन्हेंक्याललकतिरेफ़ैज़कीउन्हेंक्यातलबतिरेवस्लकी
जोमिज़ाजलेकेफ़क़ीरकासर-ए-कू-ए-यारचलेगए
हैयेसचकिमौसम-ए-हिज्रमेंमिराख़ारख़ारबदनहुआ
कभीयादतुझकोजोकरलियातोबदनकेख़ारचलेगए
ख़ुशीमेंअबवोसुरूरहैतोदर्दमेंवोनशारहा
लो'सहाब'बादा-ए-इश्क़केवोसभीख़ुमारचलेगए
  - Ajay Sahaab
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