दिलनेसुबूतोआँखनेसाग़रउठालिया
दोनोंनेअपनाअपनामुक़द्दरउठालिया
माज़ीकाफूलहालकापत्थरउठालिया
जोमिलगयाग़ज़लकीज़मींपरउठालिया
मजबूरियोंकाउसकीकुछअंदाज़ाकीजिए
काँटेकोजिसनेफूलसमझकरउठालिया
इतनीचमकथीअश्क-ए-ग़म-ए-रोज़गारमें
हरक़तरेकोसमझकेमैंगौहरउठालिया
क्यूँलग़्ज़िश-ए-क़दमकोमैंअपनीदु'आनदूँ
मुझकोकिसीनेहाथबढ़ाकरउठालिया
जबबुझसकीनप्यासतोप्यासीनिगाहने
आँखोंमेंबंदकरकेसमुंदरउठालिया
जिससेनउठसकीकभीइकशाख़-ए-गुल'नसीब'
हैरतहैऐसेहाथनेख़ंजरउठालिया