सारे सजदों का हासिल है उस का कन्धा
या'नी मेरा मुस्तक़बिल है उस का कन्धा
मुझ डूबे को सिर्फ़ सहारा उस का है यारों
काले दरिया का साहिल है उस का कन्धा
उस के लबों की मंजिल बस मेरा माथा है
मेरे माथे की मंज़िल हैं उस का कन्धा
कन्धे के तिल की गिनती करने पर लगता
मानो जैसे ख़ुद इक तिल है उस का कन्धा
जब उस को मेरे कन्धे की चाहत हो तो
उस के ख़ातिर मेरा दिल है उस का कन्धा
जब तक उस के साथ रहूँगा आबाद रहूँगा
मेरे दुश्मनों की मुश्किल हैं उस का कन्धा
— Harsh Jani















