ढूँढताहूँरोज़-ओ-शबकौनसेजहाँमेंहै
इकमकाँकिरौशनसाबस्ती-ए-गुमाँमेंहै
सुस्त-रौमुसाफ़िरकीक़िस्मतोंपेक्यारोना
तेज़चलनेवालाभीदश्त-ए-बे-अमाँमेंहै
ख़ुशबहुतनहोसुनकरसाहिलोंकाआवाज़ा
इकफ़सीलपानीकीऔरदरमियाँमेंहै
लौटनेनहींदेतायेतिलिस्मरस्तोंका
जानताहूँमैंवर्नासुखबहुतमकाँमेंहै
राज़कुछनहींखुलताइसअजबनगरकायाँ
सूदमेंनथादिनभीरातभीज़ियाँमेंहै
देखतानहींहैक्यासातआसमाँवाला
कौनधूपकेअंदरकौनसाएबाँमेंहै